सूरह अल-हाक़्क़ा

وَحُمِلَتِ ٱلْأَرْضُ وَٱلْجِبَالُ فَدُكَّتَا دَكَّةً وَٰحِدَةً

Wa ḥumilatil-arḍu wal-jibālu fa dukkatā dakkataw wāḥidah(tan).

और धरती और पहाड़ों को उठाकर एक ही बार में चूर्ण-विचूर्ण कर दिया जाएगा

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