सूरह अल-हाक़्क़ा
وَحُمِلَتِ ٱلْأَرْضُ وَٱلْجِبَالُ فَدُكَّتَا دَكَّةً وَٰحِدَةً
Wa ḥumilatil-arḍu wal-jibālu fa dukkatā dakkataw wāḥidah(tan).
और धरती और पहाड़ों को उठाकर एक ही बार में चूर्ण-विचूर्ण कर दिया जाएगा
सभी आयत 52 आयत
وَحُمِلَتِ ٱلْأَرْضُ وَٱلْجِبَالُ فَدُكَّتَا دَكَّةً وَٰحِدَةً
Wa ḥumilatil-arḍu wal-jibālu fa dukkatā dakkataw wāḥidah(tan).
और धरती और पहाड़ों को उठाकर एक ही बार में चूर्ण-विचूर्ण कर दिया जाएगा
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