सूरह अल-हाक़्क़ा
وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ ۚ قَلِيلًا مَّا تَذَكَّرُونَ
Wa lā biqauli kāhin(in), qalīlam mā tażakkarūn(a).
और न वह किसी काहिन का वाणी है। तुम होश से थोड़े ही काम लेते हो
सभी आयत 52 आयत
وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ ۚ قَلِيلًا مَّا تَذَكَّرُونَ
Wa lā biqauli kāhin(in), qalīlam mā tażakkarūn(a).
और न वह किसी काहिन का वाणी है। तुम होश से थोड़े ही काम लेते हो
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