सूरह अल-हाक़्क़ा

فَمَا مِنكُم مِّنْ أَحَدٍ عَنْهُ حَـٰجِزِينَ

Famā minkum min aḥadin ‘anhu ḥājizīn(a).

और तुममें से कोई भी इससे रोकनेवाला न होता

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