सूरह अल-हाक़्क़ा

سَخَّرَهَا عَلَيْهِمْ سَبْعَ لَيَالٍ وَثَمَـٰنِيَةَ أَيَّامٍ حُسُومًا فَتَرَى ٱلْقَوْمَ فِيهَا صَرْعَىٰ كَأَنَّهُمْ أَعْجَازُ نَخْلٍ خَاوِيَةٍ

Sakhkharahā ‘alaihim sab‘a layāliw wa ṡamāniyata ayyām(in), ḥusūman fataral-qauma fīhā ṣar‘ā, ka'annahum a‘jāzu nakhlin khāwiyah(tin).

अल्लाह ने उसको सात रात और आठ दिन तक उन्मूलन के उद्देश्य से उनपर लगाए रखा। तो लोगों को तुम देखते कि वे उसमें पछाड़े हुए ऐसे पड़े है मानो वे खजूर के जर्जर तने हों

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