सूरह अल-फुरक़ान
وَهُوَ ٱلَّذِى جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيْلَ لِبَاسًا وَٱلنَّوْمَ سُبَاتًا وَجَعَلَ ٱلنَّهَارَ نُشُورًا
Wa huwal-lażī ja‘ala lakumul-laila libāsaw wan-nauma subātaw wa ja‘alan-nahāra nusyūrā(n).
वही है जिसने रात्रि को तुम्हारे लिए वस्त्र और निद्रा को सर्वथा विश्राम एवं शान्ति बनाया और दिन को जी उठने का समय बनाया
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