सूरह अल-फुरक़ान

إِلَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ عَمَلًا صَـٰلِحًا فَأُو۟لَـٰٓئِكَ يُبَدِّلُ ٱللَّهُ سَيِّـَٔاتِهِمْ حَسَنَـٰتٍ ۗ وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًا رَّحِيمًا

Illā man tāba wa āmana wa ‘amila ‘amalan ṣāliḥan fa ulā'ika yubaddilullāhu sayyi'ātihim ḥasanāt(in), wa kānallāhu gafūrar raḥīmā(n).

सिवाय उसके जो पलट आया और ईमान लाया और अच्छा कर्म किया, तो ऐसे लोगों की बुराइयों को अल्लाह भलाइयों से बदल देगा। और अल्लाह है भी अत्यन्त क्षमाशील, दयावान

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