सूरह अल-फुरक़ान

۞ وَهُوَ ٱلَّذِى مَرَجَ ٱلْبَحْرَيْنِ هَـٰذَا عَذْبٌ فُرَاتٌ وَهَـٰذَا مِلْحٌ أُجَاجٌ وَجَعَلَ بَيْنَهُمَا بَرْزَخًا وَحِجْرًا مَّحْجُورًا

Wa huwal-lażī marajal-baḥraini hāżā ‘ażbun furātuw wa hāżā milḥun ujāj(un), wa ja‘ala bainahumā barzakhaw wa ḥijram maḥjūrā(n).

वही है जिसने दो समुद्रों को मिलाया। यह स्वादिष्ट और मीठा है और यह खारी और कडुआ। और दोनों के बीच उसने एक परदा डाल दिया है और एक पृथक करनेवाली रोक रख दी है

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