सूरह सबा

وَجَعَلْنَا بَيْنَهُمْ وَبَيْنَ ٱلْقُرَى ٱلَّتِى بَـٰرَكْنَا فِيهَا قُرًى ظَـٰهِرَةً وَقَدَّرْنَا فِيهَا ٱلسَّيْرَ ۖ سِيرُوا۟ فِيهَا لَيَالِىَ وَأَيَّامًا ءَامِنِينَ

Wa ja‘alnā bainahum wa bainal-qural-latī bāraknā fīhā quran ẓāhirataw wa qaddarnā fihas-sair(a), sīrū fīhā layāliya wa ayyāman āminīn(a).

और हमने उनके और उन बस्तियों के बीच जिनमें हमने बरकत रखी थी प्रत्यक्ष बस्तियाँ बसाई और उनमें सफ़र की मंज़िलें ख़ास अंदाज़े पर रखीं, "उनमें रात-दिन निश्चिन्त होकर चलो फिरो!"

📝 टिप्पणी
625) शाम (सीरिया) का देश जो अपनी उर्वरता (उब्जाऊपन) के लिए प्रसिद्ध था, और यमन और शाम के बीच स्थित अन्य बस्तियाँ। लोग वहाँ मरुस्थल (रेगिस्तान) में रुके बिना दिन और रात बड़ी आसानी और सुरक्षा के साथ यात्रा कर सकते थे।

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