सूरह सबा

وَمَا كَانَ لَهُۥ عَلَيْهِم مِّن سُلْطَـٰنٍ إِلَّا لِنَعْلَمَ مَن يُؤْمِنُ بِٱلْـَٔاخِرَةِ مِمَّنْ هُوَ مِنْهَا فِى شَكٍّ ۗ وَرَبُّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ حَفِيظٌ

Wa mā kāna lahū ‘alaihim min sulṭānin illā lina‘lama may yu'minu bil-ākhirati mimman huwa minhā fī syakk(in), wa rabbuka ‘alā kulli syai'in ḥafīẓ(un).

यद्यपि उसको उनपर कोई ज़ोर और अधिकार प्राप्त न था, किन्तु यह इसलिए कि हम उन लोगों को जो आख़िरत पर ईमान रखते है उन लोगों से अलग जान ले जो उसकी ओर से किसी सन्देह में पड़े हुए है। तुम्हारा रब हर चीज़ का अभिरक्षक है

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