सूरह सबा

وَٱلَّذِينَ يَسْعَوْنَ فِىٓ ءَايَـٰتِنَا مُعَـٰجِزِينَ أُو۟لَـٰٓئِكَ فِى ٱلْعَذَابِ مُحْضَرُونَ

Wal-lażīna yas‘auna fī āyātinā mu‘ājizīna ulā'ika fil-‘ażābi muḥḍarūn(a).

रहे वे लोग जो हमारी आयतों को मात करने के लिए प्रयासरत है, वे लाकर यातनाग्रस्त किए जाएँगे

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