सूरह सबा
وَقَالُوا۟ نَحْنُ أَكْثَرُ أَمْوَٰلًا وَأَوْلَـٰدًا وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ
Wa qālū naḥnu akṡaru amwālaw wa aulādā(n), wa mā naḥnu bimu‘ażżabīn(a).
उन्होंने यह भी कहा कि "हम तो धन और संतान में तुमसे बढ़कर है और हम यातनाग्रस्त होनेवाले नहीं।"
📝 टिप्पणी
628) वे यह मानते हैं कि दुनिया में बड़ी नेमतों (सुखों) का मिलना अल्लाह सुबहानहु व ताआला की प्रसन्नता (रज़ा) का प्रतीक है, इसलिए उन्हें विश्वास है कि उन्हें आख़िरत (परलोक) में कोई दंड नहीं दिया जाएगा।
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