सूरह अल-वाक़िआ

وَأَصْحَـٰبُ ٱلْيَمِينِ مَآ أَصْحَـٰبُ ٱلْيَمِينِ

Wa aṣḥābul-yamīn(i), mā aṣḥābul-yamīn(i).

रहे सौभाग्यशाली लोग, तो सौभाग्यशालियों का क्या कहना!

सभी आयत 96 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।