सूरह अल-वाक़िआ
نَحْنُ خَلَقْنَـٰكُمْ فَلَوْلَا تُصَدِّقُونَ
Naḥnu khalaqnākum falau lā tuṣaddiqūn(a).
हमने तुम्हें पैदा किया; फिर तुम सच क्यों नहीं मानते?
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نَحْنُ خَلَقْنَـٰكُمْ فَلَوْلَا تُصَدِّقُونَ
Naḥnu khalaqnākum falau lā tuṣaddiqūn(a).
हमने तुम्हें पैदा किया; फिर तुम सच क्यों नहीं मानते?
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