सूरह अल-वाक़िआ
لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ
Lā maqṭū‘atiw wa lā mamnū‘ah(tin).
जिसका सिलसिला टूटनेवाला न होगा और न उसपर कोई रोक-टोक होगी
सभी आयत 96 आयत
لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ
Lā maqṭū‘atiw wa lā mamnū‘ah(tin).
जिसका सिलसिला टूटनेवाला न होगा और न उसपर कोई रोक-टोक होगी
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