सूरह अल-वाक़िआ

لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ

Lā maqṭū‘atiw wa lā mamnū‘ah(tin).

जिसका सिलसिला टूटनेवाला न होगा और न उसपर कोई रोक-टोक होगी

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