सूरह अल-वाक़िआ
لَوْ نَشَآءُ لَجَعَلْنَـٰهُ حُطَـٰمًا فَظَلْتُمْ تَفَكَّهُونَ
Lau nasyā'u laja‘alnāhu ḥuṭāman fa ẓaltum tafakkahūn(a).
यदि हम चाहें तो उसे चूर-चूर कर दें। फिर तुम बातें बनाते रह जाओ
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لَوْ نَشَآءُ لَجَعَلْنَـٰهُ حُطَـٰمًا فَظَلْتُمْ تَفَكَّهُونَ
Lau nasyā'u laja‘alnāhu ḥuṭāman fa ẓaltum tafakkahūn(a).
यदि हम चाहें तो उसे चूर-चूर कर दें। फिर तुम बातें बनाते रह जाओ
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