सूरह मरयम
فَخَرَجَ عَلَىٰ قَوْمِهِۦ مِنَ ٱلْمِحْرَابِ فَأَوْحَىٰٓ إِلَيْهِمْ أَن سَبِّحُوا۟ بُكْرَةً وَعَشِيًّا
Fa kharaja ‘alā qaumihī minal-miḥrābi fa auḥā ilaihim an sabbiḥū bukrataw wa ‘asyiyyā(n).
अतः वह मेहराब से निकलकर अपने लोगों के पास आया और उनसे संकेतों में कहा, "प्रातः काल और सन्ध्या समय तसबीह करते रहो।"
सभी आयत 98 आयत