सूरह मरयम
قَالَ سَلَـٰمٌ عَلَيْكَ ۖ سَأَسْتَغْفِرُ لَكَ رَبِّىٓ ۖ إِنَّهُۥ كَانَ بِى حَفِيًّا
Qāla salāmun ‘alaik(a), sa'astagfiru laka rabbī, innahū kāna bī ḥafiyyā(n).
कहा, "सलाम है आपको! मैं आपके लिए रब से क्षमा की प्रार्थना करूँगा। वह तो मुझपर बहुत मेहरबान है
सभी आयत 98 आयत