सूरह मरयम
وَبَرًّۢا بِوَٰلِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّا
Wa barram biwālidaihi wa lam yakun jabbāran ‘aṣiyyā(n).
और अपने माँ-बाप का हक़ पहचानेवाला था। और वह सरकश अवज्ञाकारी न था
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وَبَرًّۢا بِوَٰلِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّا
Wa barram biwālidaihi wa lam yakun jabbāran ‘aṣiyyā(n).
और अपने माँ-बाप का हक़ पहचानेवाला था। और वह सरकश अवज्ञाकारी न था
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