सूरह मरयम
ثُمَّ نُنَجِّى ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوا۟ وَّنَذَرُ ٱلظَّـٰلِمِينَ فِيهَا جِثِيًّا
Ṡumma nunajjil-lażīnattaqau wa nażaruẓ-ẓālimīna fīhā jiṡiyyā(n).
फिर हम डर रखनेवालों को बचा लेंगे और ज़ालिमों को उसमें घुटनों के बल छोड़ देंगे
सभी आयत 98 आयत
ثُمَّ نُنَجِّى ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوا۟ وَّنَذَرُ ٱلظَّـٰلِمِينَ فِيهَا جِثِيًّا
Ṡumma nunajjil-lażīnattaqau wa nażaruẓ-ẓālimīna fīhā jiṡiyyā(n).
फिर हम डर रखनेवालों को बचा लेंगे और ज़ालिमों को उसमें घुटनों के बल छोड़ देंगे
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