सूरह मरयम
إِنَّا نَحْنُ نَرِثُ ٱلْأَرْضَ وَمَنْ عَلَيْهَا وَإِلَيْنَا يُرْجَعُونَ
Innā naḥnu nariṡul-arḍa wa man ‘alaihā wa ilainā yurja‘ūn(a).
धरती और जो भी उसके ऊपर है उसके वारिस हम ही रह जाएँगे और हमारी ही ओर उन्हें लौटना होगा
📝 टिप्पणी
462) यह संपूर्ण ब्रह्मांड नष्ट हो जाएगा और केवल अल्लाह सुब्हानहू व तआला ही सदैव रहने वाले (अमर) हैं।
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