सूरह मरयम

وَسَلَـٰمٌ عَلَيْهِ يَوْمَ وُلِدَ وَيَوْمَ يَمُوتُ وَيَوْمَ يُبْعَثُ حَيًّا

Wa salāmun ‘alaihi yauma wulida wa yauma yamūtu wa yauma yub‘aṡu ḥayyā(n).

"सलाम उस पर, जिस दिन वह पैदा हुआ और जिस दिन उसकी मृत्यु हो और जिस दिन वह जीवित करके उठाया जाए!"

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