सूरह अल-इसरा

كُلًّا نُّمِدُّ هَـٰٓؤُلَآءِ وَهَـٰٓؤُلَآءِ مِنْ عَطَآءِ رَبِّكَ ۚ وَمَا كَانَ عَطَآءُ رَبِّكَ مَحْظُورًا

Kullan numiddu hā'ulā'i wa hā'ulā'i min ‘aṭā'i rabbik(a), wa mā kāna ‘aṭā'u rabbika maḥẓūrā(n).

इन्हें भी और इनको भी, प्रत्येक को हम तुम्हारे रब की देन में से सहायता पहुँचाए जा रहे है, और तुम्हारे रब की देन बन्द नहीं है

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