सूरह अल-इसरा

وَقُلْ جَآءَ ٱلْحَقُّ وَزَهَقَ ٱلْبَـٰطِلُ ۚ إِنَّ ٱلْبَـٰطِلَ كَانَ زَهُوقًا

Wa qul jā'al-ḥaqqu wa zahaqal-bāṭil(u), innal-bāṭila kāna zahūqā(n).

कह दो, "सत्य आ गया और असत्य मिट गया; असत्य तो मिट जानेवाला ही होता है।"

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