सूरह आल-इमरान

تِلْكَ ءَايَـٰتُ ٱللَّهِ نَتْلُوهَا عَلَيْكَ بِٱلْحَقِّ ۗ وَمَا ٱللَّهُ يُرِيدُ ظُلْمًا لِّلْعَـٰلَمِينَ

Tilka āyātullāhi natlūhā ‘alaika bil-ḥaqq(i), wa mallāhu yurīdu ẓulmal lil-‘ālamīn(a).

ये अल्लाह की आयतें है, जिन्हें हम हक़ के साथ तुम्हें सुना रहे है। अल्लाह संसारवालों पर किसी प्रकार का अत्याचार नहीं करना चाहता

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