सूरह आल-इमरान

وَلَا تَهِنُوا۟ وَلَا تَحْزَنُوا۟ وَأَنتُمُ ٱلْأَعْلَوْنَ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ

Wa lā tahinū wa lā taḥzanū wa antumul-a‘launa in kuntum mu'minīn(a).

हताश न हो और दुखी न हो, यदि तुम ईमानवाले हो, तो तुम्हीं प्रभावी रहोगे

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