सूरह आल-इमरान

إِذْ هَمَّت طَّآئِفَتَانِ مِنكُمْ أَن تَفْشَلَا وَٱللَّهُ وَلِيُّهُمَا ۗ وَعَلَى ٱللَّهِ فَلْيَتَوَكَّلِ ٱلْمُؤْمِنُونَ

Iż hammat-ṭā'ifatāni minkum an tafsyalā, wallāhu waliyyuhumā, wa ‘alallāhi falyatawakkalil-mu'minūn(a).

जब तुम्हारे दो गिरोहों ने साहस छोड़ देना चाहा, जबकि अल्लाह उनका संरक्षक मौजूद था - और ईमानवालों को तो अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए

📝 टिप्पणी
114) वे दो समूह खज़रज कबीले के बनू सलमा और औस कबीले के बनू हारिसा थे, जो दोनों ही मुसलमानों की सेना का हिस्सा थे।

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