सूरह या-सीन
وَنُفِخَ فِى ٱلصُّورِ فَإِذَا هُم مِّنَ ٱلْأَجْدَاثِ إِلَىٰ رَبِّهِمْ يَنسِلُونَ
Wa nufikha fiṣ-ṣūri fa'iżā hum minal-ajdāṡi ilā rabbihim yansilūn(a).
और नरसिंघा में फूँक मारी जाएगी। फिर क्या देखेंगे कि वे क़ब्रों से निकलकर अपने रब की ओर चल पड़े हैं
📝 टिप्पणी
644) यह सूर (शंख) का दूसरा फूंका जाना है जो लोगों को उनकी क़ब्रों से (पुनर्जीवित करके) उठाएगा।
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