सूरह या-सीन

وَضَرَبَ لَنَا مَثَلًا وَنَسِىَ خَلْقَهُۥ ۖ قَالَ مَن يُحْىِ ٱلْعِظَـٰمَ وَهِىَ رَمِيمٌ

Wa ḍaraba lanā maṡalaw wa nasiya khalqah(ū), qāla may yuḥyil-‘iẓāma wa hiya ramīm(un).

और उसने हमपर फबती कसी और अपनी पैदाइश को भूल गया। कहता है, "कौन हड्डियों में जान डालेगा, जबकि वे जीर्ण-शीर्ण हो चुकी होंगी?"

📝 टिप्पणी
645) यह आयत अल-आस बिन वाइल की घटना से संबंधित है जो पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास सड़ी-गली और चूरा हुई हड्डियाँ लेकर आया और कहने लगा, "कौन इन हड्डियों को जीवित कर सकता है जब कि ये पूरी तरह सड़ चुकी हों?"

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