सूरह अल-माइदा

وَإِذَا نَادَيْتُمْ إِلَى ٱلصَّلَوٰةِ ٱتَّخَذُوهَا هُزُوًا وَلَعِبًا ۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَّا يَعْقِلُونَ

Wa iżā nādaitum ilaṣ-ṣalātittakhażūhā huzuwaw wa la‘ibā(n), żālika bi'annahum qaumul lā ya‘qilūn(a).

जब तुम नमाज़ के लिए पुकारते हो तो वे उसे हँसी और खेल बना लेते है। इसका कारण यह है कि वे बुद्धिहीन लोग है

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