सूरह अत-तौबा

ثُمَّ يَتُوبُ ٱللَّهُ مِنۢ بَعْدِ ذَٰلِكَ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ ۗ وَٱللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ

Ṡumma yatūbullāhu mim ba‘di żālika ‘alā may yasyā'(u), wallāhu gafūrur raḥīm(un).

फिर इसके बाद अल्लाह जिसको चाहता है उसे तौबा नसीब करता है। अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है

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