सूरह अल-क़सस

قَالَتْ إِحْدَىٰهُمَا يَـٰٓأَبَتِ ٱسْتَـْٔجِرْهُ ۖ إِنَّ خَيْرَ مَنِ ٱسْتَـْٔجَرْتَ ٱلْقَوِىُّ ٱلْأَمِينُ

Qālat iḥdāhumā yā abatista'jirh(u), inna khaira manista'jartal-qawiyyul-amīn(u).

उन दोनों स्त्रियों में से एक ने कहा, "ऐ मेरे बाप! इसको मज़दूरी पर रख लीजिए। अच्छा व्यक्ति, जिसे आप मज़दूरी पर रखें, वही है जो बलवान, अमानतदार हो।"

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