सूरह अल-क़सस

وَنُرِيدُ أَن نَّمُنَّ عَلَى ٱلَّذِينَ ٱسْتُضْعِفُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ وَنَجْعَلَهُمْ أَئِمَّةً وَنَجْعَلَهُمُ ٱلْوَٰرِثِينَ

Wa nurīdu an namunna ‘alal-lażīnastuḍ‘ifū fil-arḍi wa naj‘alahum a'immataw wa naj‘alahumul-wāriṡīn(a).

और हम यह चाहते थे कि उन लोगों पर उपकार करें, जो धरती में कमज़ोर पड़े थे और उन्हें नायक बनाएँ और उन्हीं को वारिस बनाएँ

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