सूरह अल-क़सस

فَلَمَّا جَآءَهُم مُّوسَىٰ بِـَٔايَـٰتِنَا بَيِّنَـٰتٍ قَالُوا۟ مَا هَـٰذَآ إِلَّا سِحْرٌ مُّفْتَرًى وَمَا سَمِعْنَا بِهَـٰذَا فِىٓ ءَابَآئِنَا ٱلْأَوَّلِينَ

Falammā jā'ahum mūsā bi'āyātinā bayyinātin qālū mā hāżā illā siḥrum muftarā(n), wa mā sami‘nā bihāżā fī ābā'inal-awwalīn(a).

फिर जब मूसा उनके पास हमारी खुली-खुली निशानियाँ लेकर आया तो उन्होंने कहा, "यह तो बस घड़ा हुआ जादू है। हमने तो यह बात अपने अगले बाप-दादा में कभी सुनी ही नहीं।"

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