सूरह अल-क़सस

وَرَبُّكَ يَخْلُقُ مَا يَشَآءُ وَيَخْتَارُ ۗ مَا كَانَ لَهُمُ ٱلْخِيَرَةُ ۚ سُبْحَـٰنَ ٱللَّهِ وَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ

Wa rabbuka yakhluqu mā yasyā'u wa yakhtār(u), mā kāna lahumul-khiyarah(tu), subḥānallāhi wa ta‘ālā ‘ammā yusyrikūn(a).

तेरा रब पैदा करता है जो कुछ चाहता है और ग्रहण करता है जो चाहता है। उन्हें कोई अधिकार प्राप्त नहीं। अल्लाह महान और उच्च है उस शिर्क से, जो वे करते है

सभी आयत 88 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।