सूरह अज़-ज़ुमर
قُلْ إِنِّىٓ أُمِرْتُ أَنْ أَعْبُدَ ٱللَّهَ مُخْلِصًا لَّهُ ٱلدِّينَ
Qul innī umirtu an a‘budallāha mukhliṣal lahud-dīn(a).
कह दो, "मुझे तो आदेश दिया गया है कि मैं अल्लाह की बन्दगी करूँ, धर्म (भक्तिभाव एवं निष्ठान) को उसी के लिए विशुद्ध करते हुए
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