सूरह अज़-ज़ुमर
وَٱلَّذِى جَآءَ بِٱلصِّدْقِ وَصَدَّقَ بِهِۦٓ ۙ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُتَّقُونَ
Wal-lażī jā'a biṣ-ṣidqi wa ṣaddaqa bihī ulā'ika humul-muttaqūn(a).
और जो व्यक्ति सच्चाई लेकर आया और उसने उसकी पुष्टि की, ऐसे ही लोग डर रखते है
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