सूरह अज़-ज़ुमर

وَأَنِيبُوٓا۟ إِلَىٰ رَبِّكُمْ وَأَسْلِمُوا۟ لَهُۥ مِن قَبْلِ أَن يَأْتِيَكُمُ ٱلْعَذَابُ ثُمَّ لَا تُنصَرُونَ

Wa anībū ilā rabbikum wa aslimū lahū min qabli ay ya'tiyakumul-‘ażābu ṡumma lā tunṣarūn(a).

रुजू हो अपने रब की ओर और उसके आज्ञाकारी बन जाओ, इससे पहले कि तुमपर यातना आ जाए। फिर तुम्हारी सहायता न की जाएगी

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