सूरह अज़-ज़ुमर

بَلِ ٱللَّهَ فَٱعْبُدْ وَكُن مِّنَ ٱلشَّـٰكِرِينَ

Balillāha fa‘bud wa kum minasy-syākirīn(a).

नहीं, बल्कि अल्लाह ही की बन्दगी करो और कृतज्ञता दिखानेवालों में से हो जाओ

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