सूरह अज़-ज़ुमर
مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ
May ya'tīhi ‘ażābuy yukhzīhi wa yaḥillu ‘alaihi ‘ażābum muqīm(un).
कि किस पर वह यातना आती है जो उसे रुसवा कर देगी और किसपर अटल यातना उतरती है।"
सभी आयत 75 आयत
مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ
May ya'tīhi ‘ażābuy yukhzīhi wa yaḥillu ‘alaihi ‘ażābum muqīm(un).
कि किस पर वह यातना आती है जो उसे रुसवा कर देगी और किसपर अटल यातना उतरती है।"
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