सूरह अज़-ज़ुमर

فَأَذَاقَهُمُ ٱللَّهُ ٱلْخِزْىَ فِى ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا ۖ وَلَعَذَابُ ٱلْـَٔاخِرَةِ أَكْبَرُ ۚ لَوْ كَانُوا۟ يَعْلَمُونَ

Fa ażāqahumullāhul-khizya fil-ḥayātid-dun-yā, wa la‘ażābul-ākhirati akbar(u), lau kānū ya‘lamūn(a).

फिर अल्लाह ने उन्हें सांसारिक जीवन में भी रुसवाई का मज़ा चखाया और आख़िरत की यातना तो इससे भी बड़ी है। काश! वे जानते

सभी आयत 75 आयत
आज ही पढ़ना शुरू करें

क़ुरआन पढ़ना अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। क़ुरआन टुडे आपको विकर्षणों के बिना पढ़ना जारी रखने में मदद करता है, एक सरल, तेज़, निजी और आरामदायक अनुभव के साथ।