सूरह अज़-ज़ुमर
قُلْ إِنِّىٓ أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّى عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ
Qul innī akhāfu in ‘aṣaitu rabbī ‘ażāba yaumin ‘aẓīm(in).
कहो, "यदि मैं अपने रब की अवज्ञा करूँ तो मुझे एक बड़े दिन की यातना का भय है।"
सभी आयत 75 आयत
قُلْ إِنِّىٓ أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّى عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ
Qul innī akhāfu in ‘aṣaitu rabbī ‘ażāba yaumin ‘aẓīm(in).
कहो, "यदि मैं अपने रब की अवज्ञा करूँ तो मुझे एक बड़े दिन की यातना का भय है।"
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