सूरह अज़-ज़ुमर

إِنَّكَ مَيِّتٌ وَإِنَّهُم مَّيِّتُونَ

Innaka mayyituw wa innahum mayyitūn(a).

तुम्हें भी मरना है और उन्हें भी मरना है

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