सूरह अज़-ज़ुमर

وَيَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ تَرَى ٱلَّذِينَ كَذَبُوا۟ عَلَى ٱللَّهِ وُجُوهُهُم مُّسْوَدَّةٌ ۚ أَلَيْسَ فِى جَهَنَّمَ مَثْوًى لِّلْمُتَكَبِّرِينَ

Wa yaumal-qiyāmati taral-lażīna każabū ‘alallāhi wujūhuhum muswaddah(tun), alaisa fī jahannama maṡwal lil-mutakabbirīn(a).

और क़ियामत के दिन तुम उन लोगों को देखोगे जिन्होंने अल्लाह पर झूठ घड़कर थोपा है कि उनके चेहरे स्याह है। क्या अहंकारियों का ठिकाना जहन्नम में नहीं हैं?"

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