सूरह अल-मुमिनून

تَلْفَحُ وُجُوهَهُمُ ٱلنَّارُ وَهُمْ فِيهَا كَـٰلِحُونَ

Talfaḥu wujūhahumun-nāru wa hum fīhā kāliḥūn(a).

आग उनके चेहरों को झुलसा देगी और उसमें उनके मुँह विकृत हो रहे होंगे

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