सूरह अल-मुमिनून

ثُمَّ جَعَلْنَـٰهُ نُطْفَةً فِى قَرَارٍ مَّكِينٍ

Ṡumma ja‘alnāhu nuṭfatan fī qarārim makīn(in).

फिर हमने उसे एक सुरक्षित ठहरने की जगह टपकी हुई बूँद बनाकर रखा

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