सूरह अल-मुमिनून

أَمْ يَقُولُونَ بِهِۦ جِنَّةٌۢ ۚ بَلْ جَآءَهُم بِٱلْحَقِّ وَأَكْثَرُهُمْ لِلْحَقِّ كَـٰرِهُونَ

Am yaqūlūna bihī jinnah(tun), bal jā'ahum bil-ḥaqqi wa akṡaruhum lil-ḥaqqi kārihūn(a).

या वे कहते है, "उसे उन्माद हो गया है।" नहीं, बल्कि वह उनके पास सत्य लेकर आया है। किन्तु उनमें अधिकांश को सत्य अप्रिय है

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