सूरह अल-मुमिनून

رَبِّ فَلَا تَجْعَلْنِى فِى ٱلْقَوْمِ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Rabbi falā taj‘alnī fil-qaumiẓ-ẓālimīn(a).

तो मेरे रब! मुझे उन अत्याचारी लोगों में सम्मिलित न करना।"

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