सूरह अल-मुमिनून

فَٱتَّخَذْتُمُوهُمْ سِخْرِيًّا حَتَّىٰٓ أَنسَوْكُمْ ذِكْرِى وَكُنتُم مِّنْهُمْ تَضْحَكُونَ

Fattakhażtumūhum sikhriyyan ḥattā ansaukum żikrī wa kuntum minhum taḍḥakūn(a).

तो तुमने उनका उपहास किया, यहाँ तक कि उनके कारण तुम मेरी याद को भुला बैठे और तुम उनपर हँसते रहे

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