सूरह अल-मुमिनून
بَلْ قُلُوبُهُمْ فِى غَمْرَةٍ مِّنْ هَـٰذَا وَلَهُمْ أَعْمَـٰلٌ مِّن دُونِ ذَٰلِكَ هُمْ لَهَا عَـٰمِلُونَ
Bal qulūbuhum fī gamratim min hāżā wa lahum a‘mālum min dūni żālika hum lahā ‘āmilūn(a).
बल्कि उनके दिल इसकी (सत्य धर्म की) ओर से हटकर (वसवसों और गफ़लतों आदि के) भँवर में पडे हुए है और उससे (ईमानवालों की नीति से) हटकर उनके कुछ और ही काम है। वे उन्हीं को करते रहेंगे;
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