सूरह अल-मुमिनून

إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ

Illā ‘alā azwājihim au mā malakat aimānuhum fa innahum gairu malūmīn(a).

सिवाय इस सूरत के कि अपनी पत्नि यों या लौंडियों के पास जाएँ कि इसपर वे निन्दनीय नहीं है

📝 टिप्पणी
506) इस आयत में दास-दासियों (गुलामों) से तात्पर्य उन गुलामों سے है जो धार्मिक युद्धों (जिहाद) के दौरान प्राप्त हुए हों या जो ऐसी माँ से पैदा हुए हों जो स्वयं दासी (لونڈی) हो। यह उस समय प्रचलित प्रथा के अनुसार था।

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